★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{पार्टी की बैठक में 90%कार्यकारिणी की उपस्थिति का दावा कर चिराग़ ने कहा यात्रा समूचे राज्य से गुज़रेगी}
[कार्यकारिणी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को भारत सरकार से भारत रत्न देने की रखी मांग]
♂÷पार्टी से बगावत कर पाँच सांसदों के साथ अलग होकर खुद की असली लोजपा बता रहे पशुपति कुमार पारस के खिलाफ पार्टी अध्यक्ष व भतीज़े चिराग पासवान के नेतृत्व वाले खेमा ने प्रतिद्वंद्वी समूह से जारी लड़ाई के बीच सड़क पर उतरने का फैसला किया है।
आज हुई लोजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद चिराग पासवान ने इसकी घोषणा की। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष व सांसद चिराग पासवान के नेतृत्व पर भरोसा जताया गया और पार्टी के संविधान के खिलाफ काम करने के लिए उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के खेमे पर निशाना साधा गया। चिराग ने कहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 90 प्रतिशत से ज्यादा सदस्य बैठक में मौजूद थे।
हाजीपुर से यात्रा शुरू करने का फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान कई बार यहां से लोकसभा के लिए चुने गए और अब सदन में इस सीट का प्रतिनिधित्व पारस कर रहे हैं। चिराग पासवान ने कहा कि हाजीपुर उनके पिता की कर्मभूमि थी। यह यात्रा समूचे राज्य से गुजरेगी और इसके बाद पार्टी की राष्ट्रीय परिषद आयोजित होगी। कार्यकारिणी ने रामविलास पासवान के लिए भारत रत्न की मांग का एक प्रस्ताव भी पारित किया।
कुल मिलाकर यह देखना दिलचस्प रहेगा कि सड़कों पर आई चाचा भतीज़े में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में कौन बीस पड़ता है।






















