★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{पूर्व गृहमंत्री व काँग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ट्वीट के जरिये कहा कि काँग्रेस और दूसरी पार्टियां के नेता पहले चाहते हैं पूर्ण राज्य का दर्जा}
♂÷जम्मू कश्मीर मुद्दे को लेकर राजनीति एक बार फ़िर गर्म होती जा रही है।
पीएम मोदी के साथ बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं व गुपकार अलायंस ने 370 की वापसी समेत पूर्व की स्थिति बहाल करने व राज्य में जल्द चुनाव कराने की मांग उठाई थी तो वहीं आज पूर्व गृहमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार पहले पूर्ण राज्य का दर्जा देने के बाद ही कराए चुनाव।
चिदम्बरम ने कहा यह अजीबो-गरीब बात है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में पहले चुनाव कराना चाहती है और फिर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और जम्मू-कश्मीर की दूसरी पार्टियां चाहती हैं कि पहले पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाए और फिर चुनाव कराया जाए।
पूर्व गृहमंत्री चिदंबरम ने ट्वीट किया कि कांग्रेस और जम्मू-कश्मीर की दूसरी पार्टियां एवं नेता पहले पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते हैं और फिर चुनाव चाहते हैं। सरकार का जवाब है कि पहले चुनाव और फिर पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा। चिदंबरम ने कहा कि घोड़ा, गाड़ी को खींचता है। पूर्ण राज्य में चुनाव कराना चाहिए। इस स्थिति में ही चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र होंगे। सरकार क्यों चाहती है कि गाड़ी आगे हो जाए और घोड़ा पीछे। यह अजीबोगरीब बात है।
पिछले लगभग 2 साल में पहली बार जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेतृत्व के साथ वार्ता का हाथ बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस केंद्र-शासित प्रदेश के भविष्य की रणनीति का खाका तैयार करने के लिए गुरुवार को वहां के 14 नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान निरस्त किए जाने और राज्य को 2 केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद यह पहली ऐसी बैठक थी जिसकी अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री मोदी ने की।
मालूम हो कि लगभग दो वर्ष पूर्व मोदी सरकार ने जम्मूकश्मीर से धारा 370 व 35A हटाकर राज्य को मिली विशेष शक्तियों को समाप्त कर दिया था।






















