★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
{विधायक व बीजेपी के कोषाध्यक्ष मिहिर कोटेचा ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी शिवसेना ने प्रशासन की मदद से किये 100 करोड़ के घोटाले,जाँच करें महापालिका आयुक्त}
[बीएमसी में बीजेपी पक्षनेता विनोद मिश्रा ने मांग की है कि निविदा को भरने वाले कॉंट्रेक्टरों पर हो दर्ज एफआईआर]
♂÷मुंबई महानगरपालिका द्वारा जारी किए गए ट्रेचिंग निविदा में सत्ताधारी शिवसेना ने प्रशासन की सहायता से 100 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया है इसलिए इस निविदा को तत्काल रद्द करके इसके घोटाले की जांच कराने की मांग भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष विधायक मिहिर कोटेचा ने की है।
इस अवसर पर महानगरपालिका में गटनेता प्रभाकर शिंदे, महापालिका में बीजेपी पक्ष नेता विनोद मिश्रा,प्रदेश प्रवक्ता व नगरसेवक भालचंद्र शिरसाट , प्रवीण छेड़ा इत्यादि उपस्थित थे।
विधायक कोटेचा ने कहा कि, महानगरपालिका में पक्ष नेता विनोद मिश्रा ने महापालिका आयुक्त को 28 अक्टूबर के दिन पत्र भेजकर ट्रेचिंग निविदा में सत्ताधारी शिवसेना की सहायता से कुछ कॉन्ट्रेक्टर मिलकर घोटाले करेंगे साथ ही निविदा के नियम और शर्तों को बदले जाने के बारे में ज्ञात कराया था। 17 नवंबर के दिन भी मिश्रा ने आयुक्त को पत्र भेजकर निविदा प्रक्रिया में संभावित घोटाले की पूर्वसूचना दी थी। कॉन्ट्रक्टरों द्वारा आपस मे तालमेल करके कौन सी दर में निविदा भरी जाएगी इसका भी उल्लेख पत्र में था। 18 नवंबर के दिन निविदा सूचना के जारी होने के बाद मिश्रा द्वारा आयुक्त को दी गई जानकारी सही थी यह सिद्ध हुआ है।
मिश्रा द्वारा आयुक्त को पत्र भेजने के बावजूद महापालिका प्रशासन ने निविदा घोटाला न हो इसलिए कोई प्रतिबंधात्मक उपाय नहीं किया। 26 अगस्त के दिन ट्रेचिंग के काम की निविदा जारी हुई थी। उस समय ट्रेचिंग के काम के लिए पांच कॉन्ट्रक्टरों ने इस निविदा के लिए 380 करोड़ रुपये की बोली प्रस्तुत की थी। लेकिन 18 नवंबर के दिन 569 करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई। केवल 3 महीने में निविदा की राशि में इतनी बड़ी बढोत्तरी हो गई है।
इस घोटाले की पालिका आयुक्त गंभीर रूप से संज्ञान लेकर तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराएं, विधायक कोटेचा ने इसकी पुरज़ोर मांग की।
विनोद मिश्रा ने आरोप लगाया कि एक ‘डीजे’ मालिक ने निविदा के लिए 100 करोड़ रुपये की सुपारी ली है। इस निविदा को भरनेवाले कॉन्ट्रक्टरों पर पालिका से धोखाधड़ी करने के लिए एफआईआर दर्ज करने के साथ ही कॉन्ट्रक्टरों की मोबाइल पर बातचीत, व्हाट्सएप चैट के साथ ही मंडली का विलेपार्ले के होटल में हुई बैठक का सीसीटीवी फुटेज जारी करने इत्यादि की मांग मिश्रा ने की।






















